तरावीह की रूहानी फिज़ा में गूंजी अमन की दुआएं, सदर बाज़ार में क़ुरआन मुकम्मल होने पर खास आयोजन
ब्यूरो चीफ़ राशिद चौधरी (सियासत का राज़ न्यूज)
नई दिल्ली। पवित्र रमज़ान माह की बरकतों के बीच राजधानी के सदर बाज़ार क्षेत्र में तरावीह की नमाज़ के समापन पर एक गरिमामय दुआ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह रूहानी महफ़िल भाईचारा समिति एवं ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश के दिल्ली कार्यालय में संपन्न हुई, जहाँ देश और दुनिया में अमन, शांति और तरक़्क़ी के लिए विशेष दुआ की गई।
करीब तीन दशकों से निरंतर जारी इस धार्मिक परंपरा को इस वर्ष भी पूरे एहतमाम और अनुशासन के साथ निभाया गया। तरावीह में मुकम्मल क़ुरआन-ए-पाक सुनाने की सआदत हाफिज अरमान और हाफिज हमीद को हासिल हुई, जबकि कारी फ़रमान की निगरानी में पूरी तरावीह का प्रबंध सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। रमज़ान के पूरे माह समुदाय के लोगों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष रौनक प्रदान की।
मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाई मेहरबान क़ुरैशी ने कहा कि तरावीह केवल इबादत का सिलसिला नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने बताया कि इस आध्यात्मिक वातावरण में की गई दुआएं इंसानियत, भाईचारे और वैश्विक शांति के संदेश को मजबूत करती हैं।
तरावीह मुकम्मल होने के बाद भाई मेहरबान (पूर्व चेयरमैन, एफ.पी. एवं ई.एम.सी., गाज़ीपुर मंडी, दिल्ली सरकार) एवं ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष द्वारा हाफिज साहबान को शॉल और फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की गई।
पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी फैसल मेहरबान ने निभाई, जिनकी देखरेख में आयोजन अनुशासित और प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर ऐहसान क़ुरैशी, अबूज़र क़ुरैशी, हाजी जाने आलम, हाजी शहज़ादे क़ुरैशी, अशरफ़ क़ुरैशी, मुस्तफ़ा क़ुरैशी, गुलफाम क़ुरैशी एवं सिराज अहमद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रमज़ान की रौशन फिज़ाओं में गूंजती दुआओं के साथ यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि इबादत के साथ इंसानियत और एकता की भावना ही समाज को सशक्त बनाती है।