घोषित अपराधी अजय कुमार उर्फ़ सुखवा गिरफ्तार, 30 चोरी के मोबाइल बरामद
नई दिल्ली।सियासत का राज़ | क्राइम रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (नॉर्दर्न रेंज–I) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी एवं घोषित अपराधी (PO) अजय कुमार उर्फ़ सुखवा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी थाना द्वारका साउथ के एक गंभीर मामले में वांछित था और द्वारका कोर्ट द्वारा 18 फरवरी 2025 को उसे घोषित अपराधी करार दिया गया था।
क्राइम ब्रांच को यह सफलता 25 जनवरी 2026 को मिली, जब गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर-20, रोहिणी इलाके में छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया गया। आरोपी के कब्ज़े से 30 चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
कई महीनों से फरार था आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय कुमार @ सुखवा पुत्र सहेंदर मेहतो, निवासी ग्राम मुखबिरा चाय टोला, थाना काशी बाजार, जिला मुंगेर, बिहार (उम्र लगभग 29 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी FIR संख्या 43/2020, दिनांक 26 जनवरी 2020, धारा 25 आर्म्स एक्ट, थाना द्वारका साउथ, दिल्ली में वांछित था।
बताया गया कि 26 फरवरी 2020 को आरोपी को द्वारका साउथ क्षेत्र में अवैध हथियार (देसी कट्टा व जिंदा कारतूस) के साथ गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे ज़मानत मिली, लेकिन ट्रायल के दौरान आरोपी ने ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया और अदालत में पेश होना बंद कर दिया, जिसके बाद माननीय न्यायालय ने उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया।
ASI प्रेमवीर की सूचना पर दबोचा गया आरोपी
क्राइम ब्रांच नॉर्दर्न रेंज–I को आरोपी की तलाश की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी।
इस अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर पुखराज सिंह ने किया। टीम में SI निरंजन, ASI प्रेमवीर, ASI प्रदीप, HC पवन और HC मुकेश शामिल थे।
पूरी कार्रवाई ACP अशोक शर्मा (NR-I) के निर्देशन एवं DCP पंकज कुमार, IPS की निगरानी में अंजाम दी गई।
ASI प्रेमवीर द्वारा लगातार फील्ड सोर्स और तकनीकी विश्लेषण के ज़रिये आरोपी की लोकेशन पर काम किया गया। आखिरकार 25 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी रोहिणी सेक्टर-20 में छिपा हुआ है। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
रेलवे स्टेशनों पर करता था पिकपॉकेटिंग
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथी चंदन के साथ मिलकर दिल्ली के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की जेब काटकर मोबाइल फोन चोरी करता था। चोरी किए गए मोबाइल फोन को वह दिल्ली और बिहार के स्थानीय बाज़ारों में मज़दूरों को बेहद कम दामों पर बेच देता था।
फिलहाल आरोपी से मोबाइल चोरी से जुड़े अन्य मामलों को लेकर गहन पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश की जा रही है।
गरीब पृष्ठभूमि, लेकिन संगठित अपराध में सक्रिय
पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है, पढ़ा-लिखा नहीं है और कोई स्थायी रोजगार नहीं करता था। आरोपी और उसके सहयोगी हर 2–3 महीने में दिल्ली आकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और फिर बिहार लौट जाते थे।
पुलिस अधिकारियों की सराहना
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्राइम ब्रांच की टीम की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी से अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।