मानव सेवा और न्याय पर केंद्रित संगोष्ठी का आयोजन, लोकतांत्रिक भागीदारी पर हुआ गहन मंथन
ब्यूरो: (सियासत का राज़)
नई दिल्ली। सामाजिक चेतना, न्याय और नागरिक सहभागिता को सशक्त करने के उद्देश्य से वेक अप ह्यूमन सोसाइटी द्वारा “डेडिकेटेड टू ह्यूमन सर्विस” विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “जस्टिस, इक्विटी, एजुकेशन एंड द एनवायरनमेंट” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, वहीं भारतीय न्याय व्यवस्था में सभी नागरिकों की भागीदारी, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद जय प्रकाश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय और समानता के बिना लोकतंत्र अधूरा है और नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा।
डॉ० ग्यासुद्दीन हाशमी एडवोकेट और डॉ० शहज़ादुद्दीन हाशमी एडवोकेट के नेतृत्व में आयोजित इस संगोष्ठी में दिल्ली प्रदेश ऑल इंडिया जमीयत-उल-क़ुरैश के अध्यक्ष भाई मेहरबान, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री संदीप कुमार तथा फेस ग्रुप के चेयरमैन डॉ. मुश्ताक अंसारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वक्ताओं ने मानव सेवा, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथि और वक्ता भी शामिल हुए, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री के सलाहकार एच. एम. शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता अनुतोष सिंह, एडवोकेट शाज़िया अज़ीम, एडवोकेट आज़ाद खालिद, एडवोकेट निखिल त्रिपाठी, एडवोकेट शबाब आलम, मज़हर सिद्दीकी, रोहित खिरीवाल, एडवोकेट आह्लूवालिया, एडवोकेट वहाज़ आलम ख़ान, डॉ. अरशद बारी, एडवोकेट नासिर अज़ीज़, एडवोकेट सैफुद्दीन, एडवोकेट इरफान ग़ाज़ी, एडवोकेट संदीप कुमार, एडवोकेट शमा चौधरी और एडवोकेट इशरत आदिल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि न्याय, शिक्षा और पर्यावरण जैसे विषयों पर समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने नागरिक अधिकारों, विधि व्यवस्था और सामाजिक नेजिम्मेदारियों पर सार्थक संवाद किया।